NPS Vatsalya Calculator

NPS वात्सल्य स्कीम: बच्चों के नाम से बने करोड़ों का फंड, जानिए कैसे सिर्फ ₹1000 से हो सकती है शुरुआत

हर माता-पिता अपने बच्चों का भविष् य बचाना चाहते हैं। इस विचार को देखते हुए सरकार ने एनपीएस वात्सल्य योजना (NPS Vatsalya Scheme) शुरू की है। बच्चों को इस योजना से बचत करने और निवेश करने का अवसर मिलता है, जो उन्हें भविष्य में एक मजबूत आर्थिक आधार भी देता है। 18 साल बाद आपके बच्चे के खाते में लाखों रुपये हो सकते हैं अगर आप हर महीने कुछ बचत करते हैं।

NPS वात्सल्य योजना क्या है?

इस योजना को 1 फरवरी 2024 को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में घोषित किया गया था। इसके तहत माता-पिता अपने 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के नाम से NPS (National Pension System) खाता खोल सकते हैं।
यह खाता बच्चे के वयस्क होने (18 साल की उम्र) तक जारी रहता है. उसके बाद, यह खाता एक सामान्य एनपीएस खाते में बदल दिया जा सकता है।

यह PFRDA (Pension Fund Regulatory and Development Authority) द्वारा चलाई जा रही NPS कार्यक्रम का एक नया संस्करण है. इसका उद्देश्य बच्चों के भविष्य को बचाना है।

क्या यह योजना काम करती है?

इस प्रकार, माता-पिता अपने बच्चे के नाम पर NPS खाता खोल सकते हैं।

  • न्यूनतम सालाना निवेश ₹1000 है।
  • निवेश की अधिकतम सीमा नहीं है।
  • निवेश मासिक या वार्षिक हो सकता है।

खाता स्वचालित रूप से सामान्य एनपीएस टियर-1 खाता बन जाता है जब बच्चा 18 वर्ष का हो जाता है।
इससे निवेश की निरंतरता और फंड की वृद्धि होती है।

निवेश करने के विकल्प

NPS Wealth में निवेश करने के लिए कई विकल्प उपलब्ध हैं:

डिफ़ॉल्ट विकल्प (Default Option):
  • मध्यम जीवनचक्र योगदान (LC-50)— 50% निवेश शेयरों में होता है।
ऑटो विकल्प:
  • आक्रामक निवेश (LC-75)— 75 प्रतिशत इक्विटी
  • मध्यम धन (LC-50)— 50% हिस्सा
  • रूढ़िवादी निधि (LC-25)— 25 प्रतिशत इक्विटी
सक्रिय विकल्प:

माता-पिता खुद निर्धारित कर सकते हैं कि कितना धन इक्विटी, सरकारी बॉन्ड, कॉर्पोरेट डेब्ट या अन्य विकल्पों में निवेश करना चाहिए।

क्या राशि मिल सकती है?

यदि कोई माता-पिता 18 साल तक हर महीने 10,000 रुपये का निवेश करते हैं, तो क्या होगा?

  • 10 प्रतिशत ब्याज दर पर: आप लगभग 57.64 लाख रुपये प्राप्त करेंगे।
  • ब्याज दर पर 12%: कुल राशि करीब ₹71 लाख हो जाएगी।
  • 12.86% ब्याज दर पर मिलता है: आपकी राशि ₹78 लाख रुपये तक पहुंच सकती है अगर आप यानी एनपीएस की ऐतिहासिक औसत इक्विटी रिटर्न दर को देखते हैं।

बच्चा एक नियमित निवेश करके 18 साल की उम्र में करोड़ों रुपये बना सकता है।

18 साल का होने पर क्या होगा?

NPS Sweetheart खाता NPS Tier-I खाते में बदल दिया जाएगा तीन महीने के अंदर जब बच्चा 18 वर्ष का हो जाएगा।
इस दौरान आपको नए सिरे से KYC पूरी करनी होगी।

यदि आपके खाते में ₹2.5 लाख रुपये या कम राशि है, तो आप पूरा पैसा एक बार में निकाल सकते हैं।
लेकिन ₹2.5 लाख से अधिक की राशि होने पर आप सिर्फ २०% पैसा तत्काल निकाल सकते हैं।
Annuity, या नियमित मासिक आय, में बाकी 80 प्रतिशत निवेश किया जाएगा।

आवश्यकतानुसार आंशिक निकासी

माता-पिता, बच्चे की शिक्षा, बीमारी के इलाज या विकलांगता जैसे मामलों में, तीन साल पूरे होने के बाद खाते से आंशिक रूप से 25 प्रतिशत तक धन निकाल सकते हैं।
बच्चे के हित में यह सुविधा दी गई है।

आंशिक निकासी केवल योगदान राशि से (ब्याज से नहीं) एक बार में तीन बार की अनुमति है।

कौन योग्य है?

  • यह योजना भारत के किसी भी नाबालिग नागरिक को उपलब्ध कराई जाती है।
  • बच्चे के नाम पर माता-पिता या कानूनी अभिभावक खोल सकते हैं।
  • अगर अभिभावक कोर्ट द्वारा नियुक्त है, तो उसे न्यायालय का आदेश और KYC दस्तावेज देना होगा।
  • पैन कार्ड, आधार सहित अन्य पहचान प्रमाण आवश्यक हैं।

इसका आवेदन कैसे करें?

ऑनलाइन प्रक्रिया:
  1. https://npstrust.org.in वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करें।
  2. “Open NPS Vatsalya” चुनें।
  3. एक Central Recordkeeping Agency (CRA) चुनें।
  4. अभिभावक और बच्चे का विवरण डालें, फिर OTP से वेरिफाई करें।
  5. अभिभावक का KYC विवरण भरें और बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र अपलोड करें।
  6. FATCA की घोषणा करें और निवेश के विकल्पों का चयन करें।
  7. मोबाइल या ईमेल के माध्यम से OTP प्रमाणीकरण करें।
  8. शुरुआती ₹1000 जमा करें।
  9. भुगतान के बाद बच्चे के नाम पर PRAN नंबर मिलेगा।
ऑफलाइन कार्य:

NPS प्रेम खाता खुलवाने के लिए आप बैंक, डाकघर, वित्तीय संस्था या किसी भी POP (Point of Presence) में भी जा सकते हैं।

इसके लिए आवश्यक सामग्री निम्नलिखित हैं:

  • अभिभावक का आधार या पैन कार्ड,

  • बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र,

  • हस्ताक्षरित फॉर्म और

  • NRI ग्राहकों के लिए अतिरिक्त पहचान प्रमाण।

अगर खाता धारक या अभिभावक मर जाए तो?

बच्चे की मृत्यु होने पर माता-पिता को पूरी पेंशन राशि मिलेगी।
यदि एक अभिभावक मर जाता है, तो दूसरा अभिभावक पंजीकृत हो सकता है।
यदि दोनों माता-पिता मर जाएँ, तो कोर्ट ने नियुक्त अभिभावक बच्चे के वयस्क होने तक खाता संभाल सकता है।

योजना के लाभ

  • कम उम्र से बच्चे को बचत की आदत डालती है।
  • यह माता-पिता को उनके बच्चे के भविष्य का विचार करने में मदद करता है।
  • NPS में निवेश पर सेक्शन 80C और 80CCD(1B) के तहत टैक्स छूट भी मिलती है।
  • 18 साल की उम्र में खाता स्वचालित रूप से नियमित NPS खाता बन जाता है।
  • बच्चा सेवानिवृत्ति योजना के रूप में उसी निवेश को जारी रख सकता है अगर वह चाहता है।

उदाहरण पढ़ें

मान लीजिए, कोई माता-पिता बच्चा 18 साल का होने तक ₹5,000 प्रति महीने बचाते हैं।
यह 18 साल बाद लगभग ₹35 लाख रुपये बन सकता है अगर औसत रिटर्न दर 12% रहती है।

₹10,000 प्रति महीना का निवेश ₹70 लाख तक पहुंच सकता है।
इससे बच्चों की पढ़ाई, विवाह और करियर की शुरुआत में बहुत मदद मिलती है।

भविष्य के लिए आवश्यक कदम

आजकल बच्चों में निवेश करना एक फैशन नहीं बल्कि एक आवश्यकता बन गया है।
NPS वात्सल्य जैसी योजना बाजार आधारित रिटर्न और सरकारी सुरक्षा का अच्छा संतुलन देती है।
इस प्रक्रिया से बच्चों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाता है और वे वित्तीय जागरूक होते हैं।

उत्कर्ष

एनपीएस वात्सल्य योजना आपके लिए सबसे अच्छा विकल्प है अगर आप चाहते हैं कि आपके बच्चे का भविष्य सुरक्षित रहे और उसे 18 साल की उम्र तक एक मजबूत आर्थिक आधार मिले।
आप सिर्फ एक हजार रुपये से शुरू करके बच्चों को लंबी अवधि में लाखों रुपये का लाभ दिला सकते हैं।
यह सिर्फ एक निवेश नहीं है; यह आपके बच्चे के सुनहरे भविष्य के लिए एक मजबूत नींव है।

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