टिकट बुकिंग अब आधार से आसानी से होगी: IRCTC ने बदले नियम, दलालों को प्रतिबंधित करेगा
नए साल की शुरुआत से पहले, रेलवे ने यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। भारतीय रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) ने टिकट बुकिंग की प्रक्रिया और समय को बदल दिया है। अब अगर आप IRCTC आईडी से ऑनलाइन ट्रेन टिकट खरीदते हैं, तो आपका आधार लिंक होना चाहिए। 29 दिसंबर 2025 से यह बदलाव लागू हो गया है।
क्यों रेलवे ने यह बदलाव किया?
रेलवे ने कहा कि यह नियम सामान्य यात्रियों के लिए बनाया गया है। अब टिकट बुकिंग में दलालों और ऑनलाइन धोखाधड़ी पर रोक लगेगी। दलाल अक्सर टिकट खुलते ही बड़ी मात्रा में टिकट बुक करते थे। वास्तविक यात्रियों को इससे सीटें नहीं मिल पाती थीं। लेकिन आधार वेरीफिकेशन के साथ अब ऐसा करना मुश्किल होगा।
टिकट बुकिंग की वर्तमान प्रक्रिया
रेलवे ने कहा कि IRCTC ID को आधार से लिंक करने वाले यूजर्स को टिकट बुकिंग में प्राथमिकता मिलेगी। अब ARP के पहले दिन केवल आधार-प्रमाणित ग्राहकों को टिकट बुक करने की अनुमति होगी। अब सुविधा चार घंटे की होती है, पहले केवल पंद्रह मिनट थी।
अब से, हर दिन सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक टिकट बुक करना चाहने वाले व्यक्ति को अपने IRCTC अकाउंट में आधार की जांच करनी होगी। इस समय बिना आधार लिंक किए खाते से टिकट बुक नहीं की जाएगी।
नया नियम धीरे-धीरे लागू होगा
रेलवे ने कहा कि यह बदलाव धीरे-धीरे लागू हो जाएगा।
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पहला चरण (29 दिसंबर 2025 से): आधार-वेरीफाइड यूजर्स सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक टिकट बुक कर पाएंगे।
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दूसरा चरण (5 जनवरी 2026 से): समय बढ़ाकर सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक कर दिया जाएगा।
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तीसरा चरण (12 जनवरी 2026 से): पूरे दिन यानी सुबह 8 बजे से रात 12 बजे तक आधार वेरिफिकेशन जरूरी हो जाएगा।
भविष्य में टिकट बुकिंग का पूरा समय आधार से जुड़ा होगा। वास्तविक यात्री ही टिकट खरीद सकेंगे।
एडवांस रिफॉर्म पीरियड क्या है?
यात्रियों को अपनी यात्रा की तिथि से पहले टिकट बुक करने का अवसर एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (ARP) कहते हैं। रेलवे ने नवंबर 2024 में इसे 60 दिन कर दिया, हालांकि पहले 120 दिन था। यानी आप अब अपनी यात्रा से 60 दिन पहले टिकट खरीद सकते हैं।
अब आधार-प्रमाणित यूजर्स ही टिकटों को बुक कर सकेंगे जो 60 दिन पहले खुलते हैं। अगले दिन बाकी लोग टिकट खरीद सकेंगे।
किराया में भी छोटा बदलाव
नए नियमों के कारण रेलवे ने टिकट दरों में भी कुछ बदलाव किए हैं। अब किराया प्रति किलोमीटर में 1 से 2 पैसे की छोटी बढ़ोतरी हुई है। Hoewel यह एक छोटा सा बदलाव है, इससे रेलवे को हर साल सुधार की उम्मीद है।
ऑनलाइन टिकट बुकिंग में सुरक्षा बढ़ी
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा सबसे बड़ा लाभ है। इससे एक व्यक्ति सिर्फ एक अकाउंट से टिकट खरीद सकेगा। फर्जी आईडी या दलालों से टिकट खरीदने की समस्या बहुत कम हो जाएगी।
आधार ऑथेंटिकेशन से भी यात्री की पहचान करना आसान होगा। हर व्यक्ति का अलग आईडी होने से रेलवे रिकॉर्ड अधिक स्पष्ट और सटीक होंगे।
टिकट काउंटर से खरीदने वालों पर कोई प्रभाव नहीं
रेलवे ने स्पष्ट किया कि यह बदलाव सिर्फ ऑनलाइन टिकट बुकिंग के लिए लागू होगा। PNR (कंप्यूटराइज्ड रिजर्वेशन काउंटर) से टिकट लेने वाले यात्रियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यानी अगर आप स्टेशन पर जाकर टिकट खरीदते हैं, तो प्रक्रिया पहले की तरह होगी। काउंटर टिकट बुकिंग में आधार आवश्यक नहीं है।
ट्रेन चार्ट बनाने का समय भी कम हुआ
रेलवे ने टिकट बुकिंग और ट्रेन चार्ट बनाने का समय भी सुधार किया है। अब एक दिन पहले रात 8 बजे तक ट्रेनों का पहला आरक्षण चार्ट तैयार किया जाएगा, जो सुबह 5:01 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलेगा।
साथ ही, दोपहर 2:01 बजे से रात 11:59 बजे तक चलने वाली ट्रेनों के लिए चार्ट कम से कम 10 घंटे पहले तैयार किया जाएगा।
इससे यात्रियों को सीट की व्यवस्था और टिकट की स्थिति का पूर्वानुमान मिलेगा।
दलालों को नियंत्रित करने की कोशिश
रेलवे ने कहा कि दलालों की धांधली आधार वेरिफिकेशन से सबसे अधिक फर्क डालेगी। अक्सर दलालों ने कई फर्जी आईडी से टिकट खरीदकर उन्हें बाद में ऊँचे दाम पर बेच दिया। नए नियम के बाद यह लगभग असंभव होगा।
अब प्रत्येक व्यक्ति केवल अपने आधार-लिंक्ड अकाउंट का उपयोग कर सकेगा। नतीजतन, एक व्यक्ति केवल सीमित टिकट बुक कर पाएगा, जिससे आम जनता को टिकट मिलेंगे।
रेलवे की डिजिटल स्वच्छता अभियान
बीते कुछ वर्षों में IRCTC अपने सिस्टम को डिजिटल बनाने में लगातार कामयाब रहा है। आधार बुकिंग इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। इससे हर टिकट बुकिंग रिकॉर्ड साफ होगा और कोई भी यूजर आसानी से अपनी पहचान कर सकेगा।
नए नियम लागू होने के बाद रेलवे ने अपने सर्वर और बुकिंग सिस्टम को भी सुधार दिया है ताकि अधिक ट्रैफ़िक को संभाल सकें।
यात्रियों के लाभ
यात्रियों को इन नए नियमों से कई लाभ मिलेंगे:
- टिकट बुकिंग अधिक सूचित और सुरक्षित होगा।
- वास्तविक यात्रियों को सीट मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।
- दलालों पर नियंत्रण होगा।
- टिकट की स्थिति और चार्ट के बारे में पहले से पता चलेगा।
- आधार से बुकिंग विश्वसनीय होगी।
भविष्य में क्या होगा?
रेलवे अधिकारियों ने कहा कि अगर आधार लिंकिंग प्रणाली सफल होती है, तो इसमें बाद में कई और सेवाएँ जोड़ी जा सकती हैं। उदाहरण के लिए, यात्री अपने आधार से जुड़े डिजिटल वॉलेट से भुगतान कर सकते हैं या टिकट कैंसलेशन को आसान बनाया जा सकता है।
रेलवे की इच्छा है कि अगले कुछ महीनों में 90 प्रतिशत IRCTC यूजर्स के अकाउंट को आधार से जोड़ दिया जाए।
सोशल मीडिया पर जल्दी चर्चा करें
रेलवे की यह नवीनता सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गई है। कुछ यूजर्स ने इसे दलालों पर सर्जिकल स्ट्राइक बताया है, जबकि कुछ यात्रियों ने चिंता व्यक्त की है कि अगर सर्वर काम नहीं करता तो स्थिति बदतर हो सकती है।
IRCTC ने कहा कि उसने अपनी वेबसाइट और ऐप को मज़बूत बनाया है ताकि बुकिंग करते समय लोगों को परेशानी नहीं होगी। साथ ही IRCTC हेल्पलाइन और ट्विटर अकाउंट सक्रिय रहेंगे, जो लोगों को मदद करने के लिए उपलब्ध रहेंगे।
रेलवे की आय और पारदर्शिता पर प्रभाव
रेलवे को आधार वेरीफिकेशन से लाभ मिलेगा क्योंकि अब टिकटें असली यात्रियों के पास पहुंचेंगी।
जब यह प्रक्रिया दलालों को छोड़ दी जाएगी, कैंसलेशन, रिफंड और फर्जी बुकिंग कम होंगे। इससे प्रणाली अधिक पारदर्शी होगी।
निकास: यात्रियों के लिए नवीनतम और विश्वसनीय व्यवस्था
रेलवे का यह कदम यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। शुरुआत में बदलाव थोड़ा कठिन लग सकते हैं, लेकिन इससे टिकट बुकिंग प्रणाली अधिक स्पष्ट और पारदर्शी होगी। यात्रियों के लिए टिकट बुक करना अब सुरक्षित और आसान हो जाएगा।