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नेस्ले का बड़ा फैसला: शिशु दूध में ‘जहरीले तत्व’ की आशंका पर वापस बुलाए गए कई उत्पाद

नेस्ले, एक बड़ी खाद्य कंपनी, ने कुछ लोकप्रिय शिशु उत्पादों को बाजार से वापस मंगाने का बड़ा निर्णय लिया है। कंपनी ने ऐसा किया क्योंकि कुछ बैचों में “सेरेउलाइड” नामक संभावित विषैले पदार्थ की मौजूदगी की आशंका थी। यह पदार्थ बैक्टीरिया Bacillus cereus के कुछ रूपों से बना है, जो मानव स्वास्थ्य के लिए घातक है।

किन देशों में रिकॉल लागू हुआ?

नेस्ले का यह कदम केवल एक या दो देशों तक नहीं सीमित है। कंपनी ने यूरोप में बेचे गए बैचों को वापस मंगाने का आदेश दिया है। ये निम्नलिखित हैं:

  • ब्रिटेन

  • आयरलैंड

  • जर्मनी

  • फ्रांस

  • ऑस्ट्रिया

  • इटली

  • डेनमार्क

  • स्वीडन

  • फिनलैंड

  • नॉर्वे

  • स्विट्ज़रलैंड

कम्पनी ने इन देशों में उपभोक्ताओं से कहा है कि वे प्रभावित उत्पादों का उपयोग तुरंत बंद करें और पैकेट वापस कंपनी को दें।

‘सेरेउलाइड’ क्या है?

यह रिकॉल सेरेउलाइड नामक पदार्थ ने किया है। शिशुओं के लिए यह एक तरह का टॉक्सिन खतरनाक हो सकता है। यह बैक्टीरिया Bacillus cereus के कुछ स्ट्रेन से बना है। विशेषज्ञों का कहना है कि शिशुओं को उल्टी, मतली और पेट में दर्द हो सकता है अगर वे इससे प्रभावित दूध पीते हैं।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह टॉक्सिन ऊष्मा प्रतिरोधी (heat-resistant) है। यानी दूध को उबालने या गर्म करने पर भी यह नष्ट नहीं होता। ब्रिटेन की खाद्य सुरक्षा एजेंसी (FSA) ने चेतावनी दी है कि ऐसे मामलों में बीमारी के लक्षण बहुत कम समय में प्रकट हो सकते हैं।

नेस्ले ने कहा कि हमने यह कार्रवाई “बहुत सावधानी” से की।

नेस्ले ने अपने ग्राहकों को भेजे गए नोट में स्पष्ट रूप से कहा कि यह एक “स्वैच्छिक और एहतियातन रिकॉल” था। कम्पनी ने कहा कि अब तक किसी शिशु की बीमारी की कोई पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा के लिए कोई खतरा नहीं है।

कंपनी के एक प्रवक्ता ने बताया,

“हम अपने कठोर गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन कर रहे हैं।” शिशुओं की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। यह निर्णय उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए किया गया है।”

इस बयान से साफ है कि नेस्ले ने भरोसे को बचाने के लिए नहीं बल्कि नुकसान से बचने के लिए यह कदम उठाया है।

किन उत्पादों का पुनर्गठन किया गया है?

नेस्ले ने कई लोकप्रिय ब्रांडों और वैरिएंटों को वापस बुलाया है। ये दूध फॉर्मूले शिशुओं के पहले और दूसरे चरण (०–१२ महीने) के लिए बनाए गए हैं।
प्रभावित माल की सूची:

  • एसएमए एडवांस्ड फर्स्ट इन्फेंट मिल्क 800 ग्राम

  • एसएमए एडवांस्ड फॉलो-ऑन मिल्क 800 ग्राम

  • एसएमए फर्स्ट इन्फेंट मिल्क 800 ग्राम

  • एसएमए फर्स्ट इन्फेंट मिल्क 400 ग्राम

  • एसएमए फर्स्ट इन्फेंट मिल्क 1.2 कि.ग्रा.

  • एसएमए लिटिल स्टेप्स फर्स्ट इन्फेंट मिल्क 800 ग्राम

  • एसएमए कम्फर्ट 800 ग्राम

  • एसएमए फर्स्ट इन्फेंट मिल्क 200 मिलीलीटर

  • एसएमए फर्स्ट इन्फेंट मिल्क 70 मिलीलीटर

  • एसएमए लैक्टोज फ्री

  • एसएमए एंटी रिफ्लक्स 800 ग्राम

  • अल्फामिनो 400 ग्राम

  • एसएमए गोल्ड प्रेम 2 800 ग्राम

नेस्ले ने अपने अभिभावकों से कहा है कि वे इन उत्पादों का तुरंत उपयोग न करें। साथ ही, कंपनी इन उत्पादों के बदले पूरा रिफंड देने का वादा करती है।

उपभोक्ता सलाह

नेस्ले ने अपने उपभोक्ताओं के लिए विशिष्ट हेल्पलाइन नंबरों को जारी किया है। इन नंबरों पर कॉल करके ग्राहक अपने उत्पादों की जानकारी दे सकते हैं और रिप्लेसमेंट या रिफंड की प्रक्रिया जान सकते हैं। निर्माताओं को बताया गया है कि वे पैक पर बैच संख्या देखकर देखें कि उनका उत्पाद रिकॉल सूची में है या नहीं।

साथ ही, कंपनी ने कहा कि नए उत्पाद बैच पूरी तरह सुरक्षित हैं और अतिरिक्त जांच के बाद ही बाजार में भेजे जाएंगे।

विशेषज्ञों की राय क्या है?

खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह आवश्यक कदम था। खास तौर पर जब ग्राहक शिशु उत्पादों पर बहुत निर्भर हैं

फूड टॉक्सिकोलॉजिस्ट डॉ. अरविंद मिश्रा कहते हैं:

सेरेउलाइड एक बहुत ही टिकाऊ टॉक्सिन है। इसे नष्ट करना कठिन है। बच्चों की उम्र और वजन को देखते हुए छोटी भी मात्रा घातक हो सकती है। इसलिए सावधानी सबसे अच्छी है।”

समाचार सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे हैं

नेस्ले का यह निर्णय सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय है। हजारों उपयोगकर्ताओं ने ट्विटर (अब X), फेसबुक और इंस्टाग्राम पर अपने विचार व्यक्त किए हैं। कुछ अभिभावक कंपनी की पारदर्शिता को “चूक” कहते हैं, जबकि दूसरे इसकी सराहना करते हैं।

ब्रिटेन और जर्मनी में ट्रेंड कर रहे हैशटैग्स जैसे #NestleRecall, #BabyMilkSafety, #SMA और #InfantFormula से पता चलता है कि लोगों को इस विषय पर कितनी चिंता है।

बहुत से लोगों ने पूछा कि क्या विदेशों में बेचे गए सामान की भी जांच की जाएगी? जवाब में कंपनी ने कहा कि हर देश के उत्पादों की अलग-अलग जांच की जा रही है और नतीजे आने पर तुरंत लोगों को बताया जाएगा।

नेस्ले ब्रांड साख

नेस्ले का यह निर्णय हानिकारक दिख सकता है, लेकिन कंपनी की ब्रांड छवि के दृष्टिकोण से यह लंबे समय में लाभदायक हो सकता है।

  • नेस्ले विश्व की सबसे बड़ी खाद्य कंपनियों में से एक है।
  • इसकी वार्षिक आय सैकड़ों अरब डॉलर है।
  • कंपनी के लाखों फॉलोअर्स सोशल मीडिया पर हैं— फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर (X) पर ब्रांड हर बड़े बाजार से जुड़ा हुआ है।
  • 2025 तक, कंपनी की ब्रांड वैल्यू लगभग 320 बिलियन डॉलर होगी।

विशेषज्ञों का मत है कि ऐसे मुश्किल निर्णय ब्रांड की विश्वसनीयता को बढ़ाते हैं क्योंकि ग्राहकों को लगता है कि ब्रांड सुरक्षा को लेकर गंभीर है।

उपभोक्ताओं का भरोसा कैसे पुनः प्राप्त होगा?

नेस्ले के सामने वर्तमान में सबसे बड़ी चुनौती यही है कि वह ग्राहकों का भरोसा वापस जीते। इस क्षेत्र में कंपनी ने पहल की है।

हर चरण की गुणवत्ता जांच रिपोर्ट खुली है।

ताकि लोग सही जानकारी पा सकें, विश्व भर में जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।

कम्पनी स्वचालित रूप से अपने ई-कॉमर्स पार्टनर्स के माध्यम से प्रभावित बैचों को रोक रही है।

इन उपायों से कंपनी सुरक्षा से कभी समझौता नहीं करेगी।

यह घटना महत्वपूर्ण क्यों है?

यह घटना हमें खाद्य सुरक्षा की महत्ता पर फिर से सोचने पर मजबूर करती है, खासकर शिशुओं के लिए।

हर साल दुनिया भर में ऐसे कई मामले सामने आते हैं, जब कोई कंपनी अपने उत्पादों को एहतियात के तौर पर वापस बुलाती है। लेकिन यह भी सच है कि बहुत से लोग ऐसे मामलों को जानते भी नहीं हैं।

यही कारण है कि हर देश की खाद्य एजेंसियों को ऐसे मामलों में पारदर्शिता का पालन करना चाहिए और उपभोक्ताओं को समय पर जानकारी देना चाहिए।

उत्कर्ष

नेस्ले का यह निर्णय कंपनी की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी को प्रदर्शित करता है, हालांकि उसे भारी आर्थिक क्षति हुई है।
इस घटना ने यह भी साफ कर दिया कि बड़ी कंपनियाँ भी अपने उत्पादों में खामियों को रोक नहीं पातीं, लेकिन साहस और पारदर्शिता ही संकट के समय असली मूल्य हैं।

उपभोक्ताओं में आज सोशल मीडिया की शक्ति है। घटना को छिपा नहीं रह सकता। ऐसे में, नेस्ले का यह साहसी और सही निर्णय है, जो सुरक्षा को लाभ से ऊपर रखा है।

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