यूरोपीय संघ के बड़े नेता भारत के गणतंत्र दिवस पर आएंगे
77वां गणतंत्र दिवस देश भर में धूमधाम से मनाया जाएगा। यूरोपीय संघ के दो प्रमुख नेता इस बार मुख्य अतिथि होंगे। वे 25 जनवरी से तीन दिन तक भारत में रहेंगे। विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी दी है। दोनों देशों के संबंध बलवती होंगे। यह भी व्यापार समझौता हो सकता है। आइए पूरी बात जानें।
क्या मुख्य अतिथि हैं?
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन आने वाली हैं। यूरोपीय परिषद का अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा भी आएगा। उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन किया है। 25 जनवरी से 27 जनवरी तक वे भारत में रहेंगे।
26 जनवरी को दोनों नेता मिलकर गणतंत्र दिवस परेड देखेंगे। वे अतिथि होंगे। यह बहुत सम्मानपूर्ण है। भारतवासी खुश हैं।
यात्रा कार्यक्रम क्या है?
वे 25 जनवरी को भारत आएंगे। 26 जनवरी को प्रदर्शन होगा। 27 जनवरी को एक महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन होगा। भारत-यूरोपीय संघ का 16वां शिखर सम्मेलन होगा। इसकी अध्यक्षता दोनों नेता करेंगे।
यात्रा का समय तीन दिन है। दिल्ली में वे रहेंगे। प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात होगी। बहुत कुछ होगा। दोस्ती और व्यापार पर बहस होगी।
भारत-यूरोपीय संघ की पुरानी संबंध हैं
2004 से यूरोपीय संघ और भारत दोस्त हैं। वे एक रणनीतिक साथी हैं। फरवरी पिछले वर्ष यूरोपीय संघ के आयुक्त भारत आए थे। तब से संबंध मजबूत हुए।
कई क्षेत्रों में काम की मात्रा बढ़ी है। व्यापार में वृद्धि हुई। तकनीक को साझा किया। पर्यावरण विषय पर चर्चा की। हम अब आगे बढ़ेंगे।
समझौता होगा?
भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते को दोनों पक्षों ने पूरा करेंगे। यह पूर्वानुमान है। यानी कई दिनों से इंतजार कर रही है। घोषणा किया जा सकता है।
यह सौदा सही होगा। व्यापार सुविधाजनक होगा। कंपनियां प्रसन्न होंगी। रोजगार की संख्या बढ़ेगी। भारत को लाभ मिलेगा। भी यूरोपीय संघ को।
गणतंत्र दिवस
26 जनवरी भारत का सबसे बड़ा त्योहार है। 1950 में संविधान जारी किया गया था। तब से मनाया जाता है। परेड है। सैन्य बल मार्च करता है।
राजपथ पर भव्य उत्सव होता है। राष्ट्रपति अपनी बात कहते हैं। प्रमुख अतिथि बाहर से आते हैं। इस बार दो नेता शामिल होंगे।
यूरोपीय संघ का क्या अर्थ है?
यूरोपीय संघ बहुत से यूरोपीय देशों से बना है। वे सहयोग करते हैं। व्यापार करना बनाते हैं :27 देश शामिल हैं।
भारत उनके साथ मित्रता है। यह सौदा बहुत बड़ा है। अरबों रुपये का अब बढ़ेगा।
नेताओं को जानें
Ursula von der Leyen जर्मनी से हैं। वे यूरोपीय आयोग का संचालन करते हैं। यह एक बड़ा पद है। एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा पुर्तगाल का निवासी है। वे परिषद के मुखिया हैं।
दोनों सक्षम हैं। भारत आकर प्रसन्न होंगे। मोदी जी से चर्चा होगी।
शिखर सम्मेलन इतना खास क्यों है?
27 जनवरी को 16वें शिखर सम्मेलन का आयोजन होगा। दोनों नेताओं को सह-अध्यक्ष का पद मिलेगा। कई मुद्दे चर्चा में आएंगे। व्यवसाय। सुरक्षितता। जलवायु प्रदूषण
यह सम्मेलन बहुत अहम है। नई योजनाएं विकसित होंगी। संबंध मजबूत होंगे।
वर्तमान गणतंत्र दिवस की यादें
विदेशी नेता पहले भी आए थे। भारत, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया हर बार कुछ नया सामने आया। इस बार दो यूरोपीय नेता यह पहली बार है।
लोग उत्सुक हैं। सोशल मीडिया में चर्चा है।
सोशल मीडिया में बहस
यह खबर फैल गई। ट्विटर पर चर्चा में है। लोग साझा कर रहे हैं। #RepublicDay2026 हैशटैग पर चर्चा जारी है। फेसबुक पेज पर पोस्ट करें। इंस्टाग्राम पर पोस्ट।
लोग लेख लिख रहे हैं। यह बहुत अच्छी खबर है।”व्यापार सौदा हो जाएगा।”युवा खुश हैं। रोजगार के अवसर बढ़ेंगे जब व्यापार बढ़ेगा।
यूरोपीय नेता के प्रशंसक पेज पर भी पोस्ट किया गया है। नए फॉलोअर्स मिल रहे हैं। लाइक्स हैं। यह खबर बहुत जल्दी फैल गई।
नेताओं का सोशल मीडिया उपयोग
Ursula von der Leyen का ट्विटर खाता बड़ा है। लाखों अनुयायी वे भारत के दौरान पोस्ट करेंगी। एंटोनियो का भी खाता लोकप्रिय है।
वे चित्र साझा करेंगे। परेड किया। समझाया। लोग टिप्पणी करेंगे। भारत के लोग स्वागत करेंगे।
नेट वर्थ क्या है?
Ursula von der Leyen का नेट वर्थ लगभग 10 मिलियन यूरो है। वे चिकित्सक हैं। राजनीति कर रहे हैं। सैलरी बहुत अच्छी है। संपत्ति है।
एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा का नेट वर्थ पांच करोड़ यूरो है। वे प्रधानमंत्री थे। अहिले अध्यक्ष अच्छी आय।
ये आंकड़े पूर्वानुमान हैं। सार्वजनिक सूचनाओं से। लोग गूगल पर खोज कर रहे हैं।
यात्रा का भारत को लाभ
व्यापार सौदा होगा। निर्यात अधिक होगा। किसान खुश हैं। उत्पादन होगा। युवा लोगों को काम।
यूरोपीय निवेश करेंगे। तकनीक उपलब्ध होगी। ग्रीन एनर्जी का उपयोग करना
व्यक्तिगत प्रतिक्रिया
दिल्लीवासी उत्साहित हैं। परेड को देखेंगे। बच्चे स्कूल जाने की तैयारी कर रहे हैं। आप टीवी पर प्रत्यक्ष देखेंगे।
राजनेता खुश हैं। विपक्ष भी प्रशंसा कर रहा है। सब एक साथ।
भविष्य का अनुमान
इस यात्रा से एक नई शुरुआत होगी। अधिक समझौते। पर्यटन अधिक होगा। विद्यार्थी व्यापार।
भारत को बल मिलेगा। दुनिया भर में नाम
गणतंत्र दिवस के लिए तैयारी
राजमार्ग साफ हो रहा है। प्रकाश दिखाई देता है। फूल सज रहे हैं। सेना अभ्यास कर रही है।
सुरक्षा कम है। ट्रैफिक योजना। घरों में झंडे लगाए जाएंगे।
विश्वव्यापी महत्व
यह यात्रा विश्व को दिखाएगी। भारत। चीन सबकी नजर भारत का कद बढ़ा
यूरोपीय संघ से मित्रता मजबूत होती है। भारत वैश्विक व्यापार में अग्रणी है।
निर्णय में
गणतंत्र दिवस विशेष होगा। यूरोपीय नेताओं का आगमन होगा। व्यापारिक बूम दृढ़ संबंध भारत उज्ज्वल होगा। जय भारत!