Governments big gift for gig workers

बिना सैलरी स्लिप और CIBIL स्कोर के मिलेगा लोन, गिग वर्कर्स के लिए सरकार की बड़ी सौगात

यह देश में दैनिक आय प्राप्त करने वाले लाखों लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। अब ऐसे कर्मचारी, जिनके पास पक्की नौकरी नहीं है, सैलरी स्लिप नहीं है और बुरा CIBIL स्कोर नहीं है, भी लोन ले सकेंगे। केंद्रीय सरकार एक नई माइक्रोक्रेडिट योजना शुरू करने वाली है। यह स्कीम खास तौर पर असंगठित शहरी कामगारों और गिग वर्कर्स को लक्षित करेगी। इसका उद्देश्य स्पष्ट है। इन लोगों को बैंकिंग प्रणाली में शामिल करना और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना।

गिग वर्कर्स की सूची

आज शहरों में बहुत से लोग ऐप्स का उपयोग करते हैं। घरों में कोई काम करता है, कोई खाना देता है, कोई सामान डिलीवर करता है। इनमें Swiggy, Zomato, Zepto और Blinkit जैसे प्लेटफॉर्म्स शामिल हैं। उन्हें हर दिन काम मिलता है, लेकिन उनकी आमदनी का कोई दस्तावेज़ नहीं है। इसलिए बैंक इन्हें लोन नहीं देते।

10,000 रुपये तक का बिना गारंटी का लोन

सरकार की नई योजना के तहत योग्य गिग वर्कर्स को 10,000 रुपये तक का लोन बिना किसी गारंटी के मिलेगा। इसके लिए मजबूत क्रेडिट स्कोर की शर्त नहीं होगी और सैलरी स्लिप भी नहीं मांगी जाएगी। यह लोन छोटा है, लेकिन जरूरत होने पर बहुत उपयोगी होगा। इससे कोई व्यक्ति अपनी बाइक को मरम्मत कर सकता है, एक नया फोन खरीद सकता है या काम से जुड़े जरूरी सामान खरीद सकता है।

योजना अप्रैल से लागू हो सकती है

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अप्रैल से यह नया माइक्रोक्रेडिट कार्यक्रम शुरू हो सकता है। सरकारी स्तर पर इसका खाका बनाया गया है। योजना का ध्यान शहरी क्षेत्रों में रहने वाले औपचारिक बैंकिंग सिस्टम से बाहर रहने वाले लोगों पर होगा। सरकार चाहती है कि लोन, बचत और डिजिटल भुगतान से ज्यादा लोग जुड़ें।

PM-स्वनिधि से प्रेरणा

माना जाता है कि यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि, या PM-स्वनिधि से प्रेरित है। PM-स्वनिधि ने बिना गारंटी के लोन देकर रेहड़ी-पटरी वालों को बहुत मदद की थी। समय पर लोन चुकाने वालों को और अधिक धन मिल गया। कुछ ऐसा ही ढांचा नई योजना में भी लागू किया जा सकता है। इससे कर्मचारियों का भरोसा बढ़ेगा और वे पैसे को समय पर लौटाने के लिए प्रेरित होंगे।

ई-श्रम पोर्टल से पहचान मिलेगी

जिन लोगों की पहचान सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज होगी, वे ही इस कार्यक्रम से लाभान्वित होंगे। ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण करना आवश्यक होगा। जिनके पास आधार और विश्वविद्यालय के अकाउंट नंबर जैसे आवश्यक दस्तावेज होंगे, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार का मानना है कि सही पहचान सही व्यक्ति को मदद कर सकती है।

लाखों लोग बैंकिंग व्यवस्था में शामिल होंगे

अब तक, कई गिग वर्कर्स को लोन नहीं मिल सका क्योंकि उनके पास आय का कोई ठोस सबूत नहीं था। नई योजना इस समस्या को हल करेगी। इन लोगों को धीरे-धीरे लोन मिलना शुरू होगा। उन्हें बड़ा लोन लेना भी आसान हो जाएगा।

अनियमित कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण कदम

नवंबर 2025 तक, 31 करोड़ से अधिक असंगठित कर्मचारी ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत हो जाएंगे। इनमें कई गिग वर्कर्स भी हैं। ऐसे में लाखों परिवारों की जिंदगी इस योजना से बदल सकती है। यह आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा, हालांकि छोटे लोन से ही सही।

दैनिक आवश्यकताओं में मिलेगी मदद

दैनिक काम गिग वर्कर्स की आय पर निर्भर करता है। काम बंद हो जाता है अगर मोबाइल या बाइक खराब हो जाता है। ऐसे समय में इस स्कीम से मिलने वाला लोन उपयोगी होगा। व्यवसाय जारी रहेगा और आय भी होगी।

सरकारी विचार

सरकार मानती है कि गिग वर्कर्स देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। ये लोग शहर को चलाते रहते हैं। समय पर खाना, सामान और सेवाएं मिलती हैं। इसलिए इन्हें धन देना आवश्यक है। उसी विचार में यह योजना भी शामिल है।

सोशल मीडिया पर गिग वर्कर्स

आज बहुत से गिग वर्कर्स सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। कुछ लोग अपना काम बताते हैं। अपनी मेहनत और लाभ के बारे में कुछ बताते हैं। इससे दूसरे लोग भी प्रेरित होते हैं। सोशल मीडिया पर उनकी बढ़ती मौजूदगी से उनका स्वर अधिक सुना जाता है।

गिग वर्कर्स की नेट वर्थ

गिग वर्कर्स की नेट वर्थ स्पष्ट नहीं है। किसी महीने कमाई अधिक होती है, तो किसी महीने कमाई कम होती है। इनकी बचत आम तौर पर बहुत सीमित होती है। यही कारण है कि छोटा लोन भी उनके लिए बहुत उपयोगी हो सकता है। सही समय पर प्राप्त धन उनके जीवन और काम को संभाल सकता है।

आगे क्या होगा?

यह योजना सफल होने पर सरकार अधिक लोन दे सकती है। समय पर भुगतान करने वाले अधिक अवसर पा सकते हैं। इससे बैंकिंग सिस्टम मजबूत होगा और गिग वर्कर्स का भरोसा बढ़ेगा।

उत्कर्ष

यह पहल लाखों गिग वर्कर्स को उत्साहित करेगी क्योंकि यह बिना सैलरी स्लिप और CIBIL स्कोर के लोन देगा। यह केवल एक लोन योजना नहीं है। यह भरोसा और सम्मान का कदम है। अब तक सिस्टम से बाहर रहे लोग भी इससे आगे बढ़ सकेंगे। सरकार की योजना देश के असंगठित कर्मचारियों के लिए फायदेमंद हो सकती है अगर यह सही तरह से लागू की जाती है।

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