राजस्थान बजट 2026: युवाओं को नौकरियां, किसानों को राहत और विकास की नई रफ्तार
2026 का राजस्थान का बजट बहुत खास होगा। लोग इस बजट से नई उम्मीदें रखते हैं। युवाओं को काम, किसानों को राहत और शहरों को बेहतर सड़कें और सुविधाएं चाहिए। भजनलाल सरकार का तीसरा बजट इसी विचारधारा से प्रस्तुत किया जाएगा। विधानसभा में आय और खर्च का पूरा विवरण वित्त मंत्री दीया कुमारी रखेंगे। सरकार इस बजट में जनकल्याण, रोजगार और विकास पर बहुत जोर दे सकती है। अगले वर्ष राज्य को मिलने वाले लाभों पर आम जनता का ध्यान है।
भजनलाल सरकार द्वारा प्रस्तुत तीसरा बजट
बुधवार को राजस्थान का बजट पेश किया जाएगा। यह बजट भजनलाल शर्मा सरकार के तीसरे कार्यकाल में आएगा। बजट सदन में वित्त मंत्री दीया कुमारी भाषण देंगी। सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इस बार बजट आम जनता से जुड़ा होगा। इसमें बुनियादी सुविधाओं, किसानों, युवाओं और महिलाओं पर खास ध्यान दिया जाएगा।
सरकार चाहती है कि शहर और गांव दोनों में विकास दिखाई दे। सड़कों से लेकर स्कूलों और अस्पतालों तक सुधार करें। साथ ही नौकरी के नए अवसर भी पैदा किए जाएं।
युवा लोगों के लिए अच्छी खबर: 1.50 लाख नए रोजगार
नौकरियां इस बजट का सबसे बड़ा मुद्दा हैं। सरकार लगभग 1.50 लाख नई नौकरियों का ऐलान कर सकती है। लाखों युवा इससे लाभ उठाएंगे। पिछली बार एक लाख नौकरियों की प्रतिज्ञा की गई थी। इस बार संख्या अधिक हो सकती है।
यह भी कहा जा रहा है कि भर्ती को आसान बनाया जाएगा। इंटरव्यू कई जगह खत्म हो सकते हैं। लिखित परीक्षा ही चयन कर सकती है। इससे चयन करना आसान और तेज होगा। मुख्यमंत्री फैलोशिप योजना भी युवाओं को अधिक मौका दे सकती है।
बजट में संविदा कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने का प्रस्ताव भी शामिल हो सकता है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन कार्यक्रमों में लगभग 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी की उम्मीद है। बुजुर्गों और जरूरतमंदों को इससे राहत मिलेगी।
निर्माण पर जोर: शहरों, सड़कों और मेट्रो स्टेशनों का विकास
राजस्थान में विकास का बहुत बड़ा हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा हुआ है। इस बजट में सड़कों और राजमार्गों पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है। नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे और रिंग रोड के लिए करीब पंद्रह शहरों में धन लगाया जा सकता है। इससे यात्रा आसान होगी और व्यापार भी बढ़ेगा।
विकास कार्यों को तेज करने के लिए बीकानेर, जैसलमेर, जोधपुर, सीकर, झालावाड़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और धौलपुर जैसे शहर योजना बनाए जा सकते हैं। धार्मिक स्थानों से जुड़े शहरों के लिए भी सिटी इकोनॉमिक रीजन योजना का ऐलान हो सकता है। इससे रोजगार और पर्यटन दोनों बढ़ेंगे।
जयपुर में मेट्रो फेज दो का कार्य जारी रह सकता है। मेट्रो रूट को एयरपोर्ट टर्मिनल से जोड़ने की योजना है। शहरों में पार्किंग की समस्या को देखते हुए, पीपीपी मॉडल पर नए पार्किंग क्षेत्रों की स्थापना भी हो सकती है।
पर्यटन और विरासत का नवीनीकरण
राजस्थान अपनी विरासत और संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। इस बजट में पर्यटन को बढ़ावा देने के नए उपाय शामिल हो सकते हैं। वेडिंग डेस्टिनेशन साइट्स को आर्थिक सहायता दी जा सकती है। राज्य में शादियों का बड़ा बाजार इससे बनाया जाएगा।
शेखावाटी क्षेत्र की पुरानी इमारतों का संरक्षण करने के लिए भी बजट आवंटित किया जा सकता है। इससे पुरानी हवेलियों और ऐतिहासिक इमारतों को पुनर्जीवित किया जाएगा।
किसानों को राहत देने वाली सौगात
इस बजट से किसान बहुत उम्मीद कर रहे हैं। यह संभव है कि किसान सम्मान निधि की राशि को धीरे-धीरे 12 हजार रुपये करने की घोषणा की जाए। किसानों को इससे सीधा लाभ होगा।
ऋणमुक्त फसली कर्ज योजना का विस्तार भी किया जा सकता है। इससे खेती की लागत कम होगी और नए किसान जुड़ेंगे। गेहूं जैसी फसलों पर MSRP बोनस मिल सकता है। सरकार भी बाजार और ज्वार खरीद सकती है।
नई सिंचाई परियोजनाओं, हाईटेक खेती और फसल प्रक्रियाओं पर भी बजट बढ़ने की उम्मीद है। दूध खरीदने पर मिलने वाला बोनस बढ़ सकता है। पशुधन बीमा कार्यक्रम को भी बढ़ाया जा सकता है।
यह भी हो सकता है कि बाड़मेर में अनार और सवाई माधोपुर में अमरूद की प्रसंस्करण इकाई बनाने की घोषणा की जाएगी। स्थानीय किसानों को इससे बाजार मिलेगा।
महिलाओं और बच्चों के लिए नवीनतम कार्यक्रम
सरकार महिलाओं के लिए कई नई घोषणाएं कर सकती है। लखपति दीदी योजना का विस्तार हो सकता है। महिला स्वयं सहायता समूहों में अधिक सहयोग करेगी। यह भी संभव है कि स्कूटी योजना मेधावी विद्यार्थियों को मिल जाएगी।
बजट में आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन पैसे देने का विचार भी शामिल हो सकता है। इनकी भूमिका बच्चों और माताओं की देखभाल में महत्वपूर्ण है।
इसके अलावा, दो से अधिक बच्चों वाले लोगों को चुनाव लड़ने से रोकने वाले बिल को भी मंजूरी दी जा सकती है। यह निर्णय समाज में व्यापक बहस का विषय बन सकता है।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर ध्यान दें
हर परिवार को शिक्षा और स्वास्थ्य की जरूरत है। सीएसआर की मदद से सरकारी स्कूलों की मरम्मत और सुधार के लिए बजट निर्धारित किया जा सकता है। इससे स्कूलों की हालत सुधरेगी और बच्चों को एक सुखद वातावरण मिलेगा।
जिन जिलों में वर्तमान में मेडिकल कॉलेज नहीं हैं, वहां नए मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा भी हो सकती है। डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मचारियों की कमी को भरने के लिए नए लोगों को भर्ती किया जा सकता है। इससे गांव को उपचार मिलेगा।
कुल मिलाकर, बजट 2026 क्या कहता है?
राजस्थान बजट 2026 से स्पष्ट है कि सरकार जनकल्याण और विकास को एक साथ लाना चाहती है। युवाओं को नौकरी, किसानों को राहत, महिलाओं को शक्ति और शहरों को नए रंग देने की कोशिश दिखती है।
यदि ये घोषणाएं सच होती हैं, तो राजस्थान का परिदृश्य बदल सकता है। बजट भाषण अब सबका ध्यान है। लोगों का अनुमान है कि यह बजट उनकी आकांक्षाओं को बदल देगा।