Anthropic का नया AI टूल: टेक शेयरों में हड़कंप, इंफोसिस–विप्रो के ADR गिरे, ग्लोबल मार्केट सहमा
अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजार में मंगलवार का दिन कुछ कम नहीं था। सुबह तक मजबूत दिखने वाले बाजार दोपहर होते-होते लाल निशान में चले गए। कारण बना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सुधार। निवेशकों की नींद उड़ गई जब Anthropic नामक AI कंपनी ने अपना नया ऑटोमेशन टूल जारी किया। भय था कि यह नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल कई कंपनियों को काम करना आसान बना देगा और उनकी आय पर सीधा असर डालेगा। IT सेवाओं और कंसल्टिंग कंपनियों को सबसे अधिक क्षति हुई।
Anthropic कौन है और चर्चा में क्यों है?
Anthropic छोटी कंपनी नहीं है। OpenAI का यह सबसे बड़ा प्रतिद्वंदी है। ChatGPT OpenAI का उत्पाद था। जैविक भी AI पर काम करती है, लेकिन यह अधिक सुरक्षित और सटीक AI सिस्टम बनाने पर केंद्रित है।
Anthropic ने अब ऐसा AI ऑटोमेशन टूल दिखाया है जो खुद कई इंसानों के कार्यालयों में काम कर सकता है। यही बाजार को भयभीत कर रहा है।
नवीनतम कृत्रिम बुद्धिमत्ता का कार्य
Anthropic का यह नवीनतम कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरण सिर्फ सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं है। यह भारी मात्रा में डेटा को समझ सकता है। यह कानूनी लेखों को पढ़ सकता है। यह लेख लिख सकता है। यह कठिन और लंबे कामों को कुछ मिनटों में पूरा कर सकता है।
निवेशकों ने सोचा कि अगर यह तकनीक तेजी से फैल गई तो कंपनियों को अधिक कर्मचारियों की आवश्यकता नहीं होगी। आईटी सर्विस कंपनियों की आय इससे सीधे प्रभावित होगी।
सब्सक्रिप्शन मॉडल में मौजूद जोखिम
आज, बहुत सी सॉफ्टवेयर कंपनियां सब्सक्रिप्शन मॉडल पर काम करती हैं। ग्राहक हर महीने या हर साल धन खर्च करता है।
जैविक टूल ने इस मॉडल को चुनौती दी दिखती है। कंपनियां सोच सकती हैं कि महंगा सॉफ्टवेयर क्यों खरीदें जब AI ही सब कुछ कर सकता है। इस भय ने बाजार को बिगाड़ दिया।
IT कंसल्टिंग और सेवा कंपनियों पर दबाव
IT सेवा और कंसल्टिंग कंपनियां सबसे अधिक प्रभावित हुईं। लंबी बिलिंग और बड़ा स्टाफ इन कंपनियों की ताकत हैं।
निवेशकों ने सोचा कि इन दोनों चीजों को AI ऑटोमेशन कम कर देगा। कम लोग काम करेंगे तो बिलिंग भी कम होगी। शेयरों की बिक्री इसी विचार से हुई।
इंफोसिस और विप्रो में ADR की कमी
भारतीय कंपनियां भी इस विश्वव्यापी बिकवाली से प्रभावित हुईं। Infosys और Wipro का ADR अमेरिका में लगभग 6% गिर गया।
ADR है अमेरिकी बाजार में लिस्टेड शेयर। इसके गिरने से विदेशी निवेशकों का भी डर दिखाई देता है।
अमेरिकी आईटी नेता भी नहीं रहे
भारतीय आईटी कंपनियों के अलावा यूरोपीय और अमेरिकी कंपनियों को भी नुकसान हुआ। Gartner के शेयरों में लगभग 25% की बड़ी गिरावट हुई।
Globant, EPAM, Cognizant और Accenture के शेयर भी तेजी से गिरे। निवेशकों ने मुनाफा जल्दी निकालना बेहतर समझा।
अमेरिकी बाजार के सबसे महत्वपूर्ण इंडेक्स गिरे
अमेरिकी बाजार आईटी शेयरों की बिकवाली से प्रभावित हुआ। S&P 500 अपने उच्चतम स्तर से नीचे गिर गया।
Nasdaq और Dow Jones में भी भारी गिरावट हुई। टेक शेयरों में कमजोरी स्पष्ट थी।
बड़े टेक कंपनियों में भी कमजोरी
इस गिरावट से बड़े नाम भी प्रभावित हुए। Microsoft, Broadcom, Nvidia और Oracle के शेयरों में लगभग 3% की गिरावट आई।
लेकिन Apple का शेयर एक महीने के ऊपरी स्तर पर रहा। विपरीत परिणामों के बाद AMD के शेयरों में बड़ी गिरावट हुई, लगभग 8%।
मानवता का दूसरा बड़ा दांव
जब खबर आई कि Anthropic अपने कर्मचारियों को बहुत ऊंची वैल्यूएशन पर शेयर बेचने की तैयारी कर रही है, तो बाजार की चिंता बढ़ गई।
करीब 350 बिलियन डॉलर का मूल्य सामने आया। यह निवेशकों को बताया कि AI कंपनियों की कीमतें बहुत तेजी से बढ़ रही हैं और यह कोई झूठ नहीं है।
Claude सहयोगी से अधिक भय
Claude Anthropic का सुपर AI असिस्टेंट है। यह भी लीगल और डेटा एनालिसिस जैसे कठिन काम आसानी से करता है।
इसलिए Salesforce, ServiceNow और Intuit की चिंता बढ़ी है। निवेशकों को डर है कि Claude जैसे टूल उनके व्यवसाय को खराब कर सकते हैं।
भारी निवेश, कम लाभ
बाजार की चिंता सिर्फ आर्थिक नहीं है। रिपोर्ट कहती है कि 30 से 40 बिलियन डॉलर का निवेश जनरेटिव AI में हो चुका है।
इसके बावजूद, लगभग ९५% कंपनियों को अभी तक पर्याप्त रिटर्न नहीं मिला है। ऐसे में महंगे सॉफ्टवेयर बेचने वाली कंपनियों पर दबाव बढ़ेगा अगर सस्ता और प्रभावी AI टूल आया।
आगे क्या होगा?
पूरी घटना ने एक बात स्पष्ट कर दी है। AI अब सिर्फ भविष्य नहीं है। आज व्यापार और शेयर बाजार इससे प्रभावित हैं।
अब निवेशक हर कंपनी को देख रहे हैं कि वह AI के दौर में कैसे विकसित होगी। कंपनी बदल नहींेगी। यदि कोई नहीं बदलेगा, तो उसके लिए परेशानियां बढ़ सकती हैं।
उत्कर्ष
Anthropic के नवीनतम कृत्रिम बुद्धिमत्ता टूल ने बाजार को उत्साहित कर दिया है। तकनीक की शक्ति बढ़ने के साथ डर भी बढ़ता जा रहा है।
यह सिर्फ शेयरों की गिरावट नहीं है। यह परिवर्तन का संकेत है। AI और बाजार के बीच यह संघर्ष और तेज हो सकता है। अब निवेशकों के लिए धैर्य और समझदारी सबसे महत्वपूर्ण हैं।