Bank of Baroda

तीसरी तिमाही में Bank of Baroda का मुनाफा बढ़ा, मजबूत आंकड़ों से PSU बैंक ने दिखाया दम

अब सरकारी बैंकों की हालत सुधरती दिखती है। बैंक ऑफ बड़ौदा के हाल के नतीजों में यह स्पष्ट है। बैंक ने 2026 की तीसरी तिमाही में अच्छा मुनाफा कमाया है। कमाई बढ़ी है, एनपीए कम हुआ है और बैलेंस शीट मजबूत है। ये आंकड़े दिखाते हैं कि बैंक अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। यह खबर निवेशकों और आम लोगों को राहत देने वाली है।

तीसरी तिमाही में लाभ

Bank of Baroda, जो भारत के सबसे बड़े सरकारी बैंकों में से एक है, ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। तीसरी तिमाही में बैंक का शुद्ध मुनाफा 5,055 करोड़ रुपये था। यह पिछले साल की इसी तिमाही से 4.5 प्रतिशत अधिक है। बैंक ने साबित किया कि वह निरंतर आगे बढ़ रहा है।

बैंक ने पूरे वित्त वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों में 14,405 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट कमाया है। यह आंकड़ा बताता है कि बैंक की कमाई हर साल बढ़ी है।

शेयर बाजार में बैंकों की स्थिति

बैंक ऑफ बड़ौदा के शेयरों में शुक्रवार को नतीजे आते ही कमी आई। शेयर 0.80% गिरकर 300 रुपये पर बंद हुआ। बैंक की मार्केट कैप (कुल बाजार कीमत) लगभग 1.55 लाख करोड़ रुपये बनी हुई है, हालांकि शेयर में गिरावट आई है। यह देश का दूसरा सबसे बड़ा पीएसयू बैंक है, एसबीआई के बाद।

बजट से कमाई

बैंक की मूल शक्ति ब्याज से मिलने वाली आय है। यह नेट इंटरेस्ट इनकम है। 2026 की तीसरी तिमाही में बैंक की नेट इंटरेस्ट आय 11,800 करोड़ रुपये रही। वहीं नौ महीने में यह 35,189 करोड़ रुपये हो गया।

यह दर्शाता है कि लोग समय पर ब्याज चुका रहे हैं और बैंक का लोन कारोबार अच्छा चल रहा है।

गैर-ब्याज आय ने भी मदद की

बैंक ने ब्याज से बाहर भी अच्छी कमाई की है। गैर-ब्याज आय तीसरी तिमाही में 3,600 करोड़ रुपये रही। पिछले वर्ष से यह 5.9% अधिक है।

गैर-ब्याज आय पूरे वित्त वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों में 11,790 करोड़ रुपये रही। यह सालाना आधार पर 6.7 प्रतिशत बढ़ा। इससे पता चलता है कि लोग बैंक की सेवाओं को पसंद कर रहे हैं।

मार्जियन स्थिरता

NIM (बैंक का शुद्ध ब्याज मार्जिन) भी संतुलित रहा है। तीसरी तिमाही में वैश्विक NNIM 2.79% रहा। नौ महीने में यह 2.88 प्रतिशत था।

तीसरी तिमाही में घरेलू कारोबार में NNIM 2.93 प्रतिशत रहा। नौ महीने में यह 3.3% था। ये आंकड़े दिखाते हैं कि बैंक ने अपनी कमाई और खर्चों को संतुलित किया है।

इक्विटी रिटर्न में सुधार

रिटर्न ऑन इक्विटी, या आरओई, बैंक को अपने निवेश से कितना लाभ मिल रहा है बताता है। तीसरी तिमाही में बैंक का ROE 15.59% रहा। पूरे नौ महीने में यह 14.81% रहा। यह बैंक की मजबूत स्थिति का अच्छा संकेत है।

एसेट गुणवत्ता में स्पष्ट सुधार

एनपीए एक बैंक की स्वास्थ्य का सबसे बड़ा माप है। बैंक ऑफ बड़ौदा ने इस मामले में अच्छा प्रदर्शन किया है। ग्रॉस एनपीए 2026 की तीसरी तिमाही में 2.04 प्रतिशत रह गया। पिछले वर्ष इसी समय यह 2.43% था।

नेट एनपीए भी कम हुआ है। यह सालाना आधार पर दो बेसिस प्वाइंट की गिरावट से 0.57% पर पहुंच गया। इसका अर्थ है कि खराब कर्ज से बैंक को कम नुकसान हो रहा है।

प्रोविजन कवरेज अच्छा

बैंक की बैलेंस शीट स्थिर है। प्रोविजन कवरेज रेशियो (पीसीआर) भी अच्छा है। TWO के साथ यह 92.73 प्रतिशत है, जबकि बिना TWO के 72.21 प्रतिशत है। इससे बैंक ने भविष्य के जोखिमों को पूरी तरह से तैयार कर लिया है।

लोन की वृद्धि

बैंकों में भी लोन कारोबार तेजी से बढ़ा है। कुल घरेलू लोन 10,96,557 करोड़ रुपये बढ़ गया है। यह सालाना आधार पर 13.6% बढ़ा।

बैंक का अंतरराष्ट्रीय कर्ज बढ़कर 13,44,904 करोड़ रुपये हो गया है। इसमें प्रति वर्ष 14.7% की वृद्धि हुई है। इससे पता चलता है कि बैंक भारत के बाहर भी फैल रहा है।

डिपॉजिट भी अच्छा

किसी भी बैंक का आधार डिपॉजिट है। बैंक ऑफ बड़ौदा के डिपॉजिट भी बहुत बढ़ा है। सालाना आधार पर घरेलू जमा 11.1 प्रतिशत बढ़कर 13,07,189 करोड़ रुपये हो गया है।

अंतरराष्ट्रीय जमा भी 10.3 प्रतिशत बढ़कर 15,46,749 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह भरोसे का संकेत है क्योंकि लोग बैंक में अपना पैसा सुरक्षित महसूस करते हैं।

बैंक की बलिष्ठ स्थिति

कुल मिलाकर इन आंकड़ों को देखें तो बैंक ऑफ बड़ौदा की स्थिति मजबूत बनी हुई है। मुनाफा बढ़ा है, एनपीए कम हुआ है और लोन और डिपॉजिट दोनों में सुधार हुआ है। बैंक ने संतुलन बनाए रखी है और जोखिम को नियंत्रण में रखा है।

आगे की दिशा

बैंक ऑफ बड़ौदा के नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि सरकारी बैंक भी अब बेहतर हो रहे हैं। बैंक आने वाले समय में और अधिक मजबूत हो सकता है अगर यह क्रम जारी रहा। आम ग्राहकों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी और निवेशकों को भरोसा मिलेगा।

उत्कर्ष

Bank of Great Britain ने 2026 की तीसरी तिमाही में दिखाया कि वह मजबूती से आगे बढ़ रहा है। बैंक ने अपने बढ़ते मुनाफे, कम एनपीए और मजबूत बैलेंस शीट के कारण अपनी प्रतिष्ठा बनाए रखी है। ये परिणाम बैंक और पूरे पीएसयू बैंकिंग क्षेत्र के लिए अच्छे संकेत हैं।

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *