UGC की मंजूरी से भारत में खुलेंगे बड़े विदेशी यूनिवर्सिटी कैंपस, बेंगलुरु-मुंबई बनेंगे हब
विदेशी यूनिवर्सिटीज अब भारत आ रही हैं। यूजीसी ने उन्हें मंजूरी दे दी है। छात्र घर पर ही विदेशी डिग्री पा सकेंगे।
बड़ी खबर क्यों है ये?
हर साल लाखों छात्र विदेश पढ़ने जाते हैं। वहां फीस बहुत ज्यादा है। रहना-खाना महंगा पड़ता है। अब भारत में ही वर्ल्ड क्लास पढ़ाई मिलेगी।
सरकार ने नई पॉलिसी बनाई है। ये NEP 2020 का हिस्सा है। विदेशी यूनिवर्सिटीज को आसानी से कैंपस खोलने की इजाजत मिली।
छात्र खुश हैं। उन्हें देश न छोड़ना पड़ेगा। नौकरी के अच्छे चांस मिलेंगे।
कौन-कौन सी यूनिवर्सिटीज आ रही हैं?
कई नामी यूनिवर्सिटीज लिस्ट में हैं। ये ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और इटली से हैं।
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यूनिवर्सिटी ऑफ लिवरपूल: बेंगलुरु में खुलेगी। 2026 से शुरू।
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यूनिवर्सिटी ऑफ यॉर्क: मुंबई में। कंप्यूटर साइंस और बिजनेस पढ़ाएगी।
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यूनिवर्सिटी ऑफ एबरडीन: मुंबई में। AI और बिजनेस कोर्स। 2026 से।
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यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल: मुंबई में। टॉप 10 यूके यूनिवर्सिटी।
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इलिनोइस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी: मुंबई में। इंजीनियरिंग और टेक।
और भी हैं जैसे विक्टोरिया यूनिवर्सिटी, वेस्टर्न सिडनी। ये दिल्ली NCR और गुजरात में।
पहले से चल रही कैंपस कौन सी?
कुछ यूनिवर्सिटीज पहले से भारत में हैं। ये पहले खुल चुकी हैं।
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डीकिन यूनिवर्सिटी: GIFT सिटी, गुजरात। बिजनेस और साइबर सिक्योरिटी।
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यूनिवर्सिटी ऑफ वॉलॉन्गॉन्ग: GIFT सिटी में। ऑस्ट्रेलिया की।
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यूनिवर्सिटी ऑफ साउथेम्प्टन: गुरुग्राम में। पहली फॉरेन यूनिवर्सिटी। UG और PG कोर्स।
ये कैंपस अच्छा चल रहे हैं। छात्रों को कम फीस में अच्छी पढ़ाई मिल रही।
कहां बनेंगे नए हब?
बेंगलुरु और मुंबई बड़े एजुकेशन हब बनेंगे। मुंबई में सबसे ज्यादा कैंपस।
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मुंबई: यॉर्क, एबरडीन, ब्रिस्टल, इलिनोइस टेक। 6 कैंपस प्लान।
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बेंगलुरु: लिवरपूल। टेक सिटी है ये।
GIFT सिटी, गुरुग्राम, ग्रेटर नोएडा भी आगे आएंगे। कुल 12-17 यूनिवर्सिटीज मंजूर।
शहरों में नई जॉब्स आएंगी। रिसर्च बढ़ेगा।
छात्रों को क्या फायदा?
विदेश जाने की जरूरत नहीं। फीस आधी हो जाएगी।
भारत में रहकर विदेशी डिग्री मिलेगी। ये डिग्री वैल्यू रखती है। नौकरी आसान।
कोर्स नए हैं। AI, साइबर सिक्योरिटी, बिजनेस। भविष्य के लिए अच्छे।
स्टूडेंट्स ट्रिप पर विदेश जा सकेंगे। जैसे दुबई कैंपस।
सरकार का प्लान क्या है?
UGC ने 2023 के नियम बनाए। टॉप 500 रैंक वाली यूनिवर्सिटीज आ सकें।
PM मोदी ने कहा 9 ब्रिटिश यूनिवर्सिटीज आएंगी। UK-India पार्टनरशिप मजबूत।
50 से ज्यादा ने अप्लाई किया। कॉम्पिटिशन है। अच्छी यूनिवर्सिटीज चुनी जा रही।
लागत कितनी बचेगी?
विदेश में पढ़ाई का खर्च 50 लाख से ऊपर। भारत में 20-25 लाख। रहना सस्ता।
स्कॉलरशिप भी मिलेंगी। गरीब छात्र पढ़ सकेंगे। सपना पूरा होगा।
भविष्य कैसा दिखेगा?
भारत ग्लोबल एजुकेशन हब बनेगा। छात्र विदेश न जाएंगे। पैसा बचेगा।
रिसर्च बढ़ेगा। इंडिया-फॉरेन टाई-अप मजबूत। नई टेक्नोलॉजी आएगी।
2026-27 से कई कैंपस शुरू। लाखों छात्र फायदा लेंगे।