sleep vitamins

अच्छी नींद के लिए कौन से विटामिन सबसे महत्वपूर्ण हैं? जानिए किसकी कमी से नींद नहीं आती

आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में नींद पाना सबसे मुश्किल काम बन गया है। रात भर सोने के बावजूद कई लोग कहते हैं, “नींद पूरी नहीं होती” या “सुबह उठते ही थकान लगती है।”यदि आप भी इस तरह की समस्या का सामना कर रहे हैं, तो इसका कारण सिर्फ तनाव या मोबाइल स्क्रीन नहीं, बल्कि शरीर में विटामिनों की कमी हो सकती है।

नींद शरीर को रीसेट करने का एक बटन है, नहीं एक आवश्यकता। एक अच्छी नींद शरीर को ऊर्जा देती है, मस्तिष्क को शांत करती है और मूड को बेहतर बनाती है। आज हम विटामिनों की चर्चा करेंगे जो आपकी नींद से सीधे जुड़े हैं— किस विटामिन से अच्छी नींद आती है और किसकी कमी से नींद में परेशानी होती है?

नींद में विटामिन की आवश्यकता के कारण

यद्यपि विटामिन बहुत छोटे पोषक तत्व हैं, लेकिन उनका प्रभाव बहुत बड़ा है। शरीर में हर विटामिन अलग-अलग स्थानों पर काम करता है। कोई हड्डियों के लिए आवश्यक है, तो कोई दिमाग के लिए। लेकिन बहुत से लोगों को पता नहीं है कि कुछ विटामिन भी नींद के चक्र पर प्रभाव डालते हैं।

स्लीप साइंस के अध्ययन के अनुसार, विटामिन शरीर के “स्लीप-वेक साइकिल”, यानी नींद-जागने का क्रम नियंत्रित करते हैं। मेलाटोनिन जैसे नींद लाने वाले हार्मोन को बनाने में कुछ विटामिन मदद करते हैं। दिमाग को शांत रखने के लिए कुछ आवश्यक हैं।

1. विटामिन D: सूरज से मिलने वाला साथी

“सनशाइन विटामिन” शब्द विटामिन D का उपनाम है। शरीर में सूरज की रोशनी से बनने वाला यह विटामिन हड्डियों के लिए अच्छा है, लेकिन नींद के लिए भी आवश्यक है। अध्ययन बताते हैं कि मेलाटोनिन, नींद का हार्मोन, विटामिन D से नियंत्रित होता है। शरीर में इसकी कमी से नींद टूटना, नींद न आना या बहुत ज्यादा नींद आना जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

क्या खाना चाहिए: विटामिन D को अंडे की जर्दी, मछली (सैल्मन या ट्यूना), दूध और धूप में बिताना मिलता है।

2. विटामिन B समूह: दिमाग और नींद को बचाता है

बी-कॉम्प्लेक्स विटामिनों (बी1, बी3, बी6, बी9, और बी12) दिमाग और शरीर दोनों के लिए आवश्यक हैं। मुख्य रूप से विटामिन बी6 मेलाटोनिन और सेरोटोनिन जैसे हार्मोन बनाने में मदद करता है, जो नींद के चक्र को संतुलित रखते हैं। विटामिन बी12 की कमी से मेलाटोनिन का स्तर कम होता है, जिससे नींद आने में देर होती है या बार-बार नींद टूटती है।

नींद और ऊर्जा दोनों बी विटामिन से प्रभावित होते हैं। शरीर में बी विटामिन कम होने से थकान या चिड़चिड़ापन हो सकता है।

क्या खाना चाहिए: साबुत अनाज, हरी सब्जियां, नट्स, दूध, दही और अंडे

3. विटामिन C: आराम और ऑक्सीजन को बचाता है

हमारे इम्यून सिस्टम अधिकतर विटामिन C को लेते हैं, लेकिन नींद भी इससे जुड़ी हुई है। शरीर में “ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस” का अधिक होना नींद न आने का एक कारण है— यह शरीर में अस्थिर अणुओं (फ्री रेडिकल्स) की जमा होने से होता है। विटामिन C दिमाग को शांत रखता है और इन अणुओं से लड़ता है।

शरीर में विटामिन C की कमी से मांसपेशियों में दर्द, बेचैनी और नींद की गड़बड़ी बढ़ सकती हैं।

क्या खाना चाहिए: आंवला, संतरा, अमरूद, नींबू, टमाटर और शिमला मिर्च

4. विटामिन E—एक एंटीऑक्सीडेंट जो नींद की गुणवत्ता को बढ़ाता है

शरीर को कोशिकीय क्षति से बचाता है विटामिन E। हाल के अध्ययनों में पाया गया है कि विटामिन E की कमी से लोगों को कम नींद आती है या उनकी नींद बार-बार टूटती है। रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज) से पीड़ित महिलाओं के लिए यह विटामिन बेहतर है— यह रात में आने वाले पसीने को कम करता है, जिससे आप बेहतर नींद ले सकते हैं।

क्या खाना चाहिए: बादाम, एवोकाडो, पालक, मूंगफली, सूरजमुखी के बीज

5. विटामिन A: नींद-जागने का चक्र नियंत्रित करने वाला तत्व

कम लोग जानते हैं कि विटामिन A आंखों के लिए उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि नींद में भी। यह आंखों की कोशिकाओं को रोशनी को पहचानने में मदद करता है, जो दिमाग को बताता है कि दिन है या रात है। इस प्रक्रिया से शरीर जानता है कि अब जागने या सोने का समय है।

विटामिन A की कमी नींद की गुणवत्ता और अवधि को कम कर सकती है।

क्या खाना चाहिए: गाजर, पपीता, शकरकंद, पालक, दूध और पालक।

6. विटामिन K: शांतिपूर्ण नींद का गुप्त साथी

हाल ही में किए गए अध्ययनों ने पाया कि विटामिन K की कमी वाले लोग कम सोते हैं या गहरी नींद नहीं लेते हैं, हालांकि पहले विटामिन K की कमी को सीधा संबंध नहीं माना जाता था। विटामिन K मूड को स्थिर रखने में मदद करता है और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करता है, जो नींद को सुधारता है।

क्या खाना चाहिए: हरी पत्तेदार सब्जियां, विशेष रूप से केल, ब्रोकोली और पालक।

7. सेलेनियम और ओमेगा-3: नींद को संतुलित रखने वाले फैटी एसिड और मिनरल्स

नींद के लिए आवश्यक पोषक तत्वों में सेलेनियम और ओमेगा-3 भी शामिल हैं। शरीर का मेटाबॉलिज्म और ऊर्जा सेलेनियम नियंत्रित करता है। यह कम होने से थकान, थकान और नींद में परेशानी हो सकती है। ओमेगा-3 फैटी एसिड, दूसरी ओर, तनाव हार्मोन को नियंत्रित करते हैं और तनाव को नियंत्रित करते हैं, जो आपके दिमाग को शांत रखते हैं।

क्या खाना चाहिए: सूरजमुखी के बीज, अलसी, मछली और अखरोट सेलेनियम और ओमेगा-3 के अच्छे स्रोत हैं।

क्या एकमात्र सप्लीमेंट पर्याप्त होगा?

बहुत से लोग सोचना शुरू कर देते हैं कि उनकी नींद में सुधार होगा अगर वे सप्लीमेंट लेंगे। लेकिन हर किसी को वास्तव में सप्लीमेंट की जरूरत नहीं होती।
ज्यादातर मामलों में, आप अपनी नींद को बेहतर बना सकते हैं अगर आप स्वस्थ भोजन करते हैं, धूप में थोड़ा समय बिताते हैं, मोबाइल फोन से दूरी बनाते हैं और स्वस्थ आहार लेते हैं।

जांच में विटामिन की कमी पाई गई तो डॉक्टर की सलाह से विटामिन सप्लीमेंट लेना चाहिए। ज्यादा विटामिन लेना भी हानिकारक हो सकता है, जैसे विटामिन A और D शरीर में जमा हो जाते हैं, जो उल्टी, थकान और सिरदर्द का कारण बन सकते हैं।

नींद को बेहतर बनाने के आसान उपाय

  • रोजाना एक ही समय पर सो जाएँ और उठ जाएँ।
  • रात को सोने से पहले अपने मोबाइल फोन और टीवी को दूर रखें।
  • कमरे को अंधेरा, ठंडा और शांत रखें।
  • दिन में धूप लेने से विटामिन D बनता है।
  • जंक खाना कम करें और स्वस्थ भोजन लें।
  • सोने से पहले गहरी सांस लेने या ध्यान करने का अभ्यास करें।

“नींद विटामिन्स” सोशल मीडिया पर चर्चा

“स्लीप विटामिन्स” या “नाइट गमीज़” पिछले कुछ सालों में सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हो गए हैं। कई इन्फ्लुएंसर दावा करते हैं कि ये तुरंत नींद लाते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि ये सप्लीमेंट हर किसी के लिए नहीं हैं। जिन लोगों ने पहले से ही संतुलित भोजन का पालन किया है, उन्हें इनकी आवश्यकता नहीं होगी।

इन ट्रेंड्स से कंपनियों की कमाई बढ़ी है। रिपोर्ट के अनुसार, स्लीप सप्लीमेंट का बाजार अरबों रुपये का हो चुका है। लेकिन प्राकृतिक तरीके से नींद लेना हमेशा बेहतर होता है।

अच्छी नींद और खुश जीवन

हर किसी को एक आरामदायक और गहरी नींद का हक है। जब शरीर में सभी आवश्यक विटामिनों की एक समान मात्रा होती है, तो नींद अपने आप बेहतर हो जाती है। नींद की दवा लेने से पहले अपना आहार और जीवनशैली बदलना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।

याद रखें कि अगर आप दिन भर काम करते हैं, देर तक फोन चलाते हैं या सिर्फ जंक फूड खाते हैं, तो हमारी नींद का जवाब भी इन आदतों में छिपा है। नींद की असली दवा है धूप, हेल्दी खाना और विटामिनों से भरपूर भोजन।

Similar Posts